2 साल मे कितनी बदली गढ़वाल लोकसभा सीट की तस्वीर


2 साल में कितनी बदली गढ़वाल की तस्वीर,कोटद्वार में क्या क्या हुए केंद्र सरकार के काम।

सांसद अनिल बलूनी के काम और वादों की पड़ताल

जीत के बाद विकास के दावों की समीक्षा – रेल, सड़क, शिक्षा, पर्यटन,सैन्य सुविधाओं तक कई परियोजनाएं जमीन पर कहा तक उतरी धरातल पर।

2024 लोकसभा चुनाव को लगभग दो वर्ष पूरे होने को हैं। उत्तराखंड में जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर एकतरफा जनादेश देते हुए सभी पांचों लोकसभा सीटें भाजपा की झोली में डाल दी थीं। इन सीटों में सबसे ज्यादा चर्चित और हाई-प्रोफाइल मुकाबला गढ़वाल लोकसभा सीट पर रहा, जहां भाजपा ने अपने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को मैदान में उतारा था।

चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज नेताओं ने गढ़वाल में जनसभाएं कर बलूनी के पक्ष में माहौल बनाया था। चुनाव जीतने के बाद बलूनी ने गढ़वाल को “अग्रणी लोकसभा” बनाने का रोडमैप पेश किया था।

अब लगभग 22 महीने के कार्यकाल के बाद सवाल यह है कि क्या वादे धरातल पर उतरे या सिर्फ चुनावी घोषणा बनकर रह गए?

इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन में तेजी –
सांसद बनने के बाद पौड़ी में अंतरिक्ष तारामंडल (प्लैनेटोरियम) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं पर्यटन विभाग के बंद पड़े पर्यटक गृह को पुनर्जीवित कर जनता को समर्पित किया गया।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में रोपवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिन पर कार्य प्रगति पर है। ऐसे कई कार्य लोकसभा में हुए है,पर
अब हम अगर सिर्फ गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार के कामों की पड़ताल करते है कि जो चुनाव में कोटद्वार की रैली में अमित शाह ने कहा था कि आप बलूनी को जिताये हम गढ़वाल का विकास करेंगे, उस रोडमैप पर कोटद्वार में कितने काम हुए उस पर पड़ताल करते है।

हम बात करें लोकसभा चुनाव के बाद वादों पर काम की तो कोटद्वार की जनता की लम्बे समय से मांग थी कि कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय बने वह मांग पूरी हो चुकी है। ओर कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय संचालितन होना प्रारम्भ हो गया है,कोटद्वार में पठन-पाठन शुरू हो चुका है।

सैनिक बाहुलय कोटद्वार में आर्मी बैटल अस्पताल की स्वीकृति भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है साथ ही कोटद्वार की केंटीन को भी केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय ने अपग्रेड किया है व काउंटर का एक्सटेंशन किया है।

गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए सांसद बलूनी द्वारा कई कदम उठाए गए। कोटद्वार-आनंद विहार रात्रि ट्रेन और जनशताब्दी एक्सप्रेस की शुरुआत की गई। कोटद्वार से लखनऊ की कोई भी रेल कनेक्टविटी नही थी, सांसद बलूनी के प्रयास से देहरादून से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का स्टॉपेज नजीबाबाद में दिलाया गया,जो निर्धारित दूरी मानकों से कम दूरी पर एक विशेष उपलब्धि मानी जा रही है।ओर कोटद्वार रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य जारी है,
जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और नई सड़कों के निर्माण में भी तेजी आई है।कोटद्वार से नजीबाबाद दिल्ली सड़क मार्ग हो या कोटद्वार पौड़ी सड़क मार्ग हो तेजी से सड़क निर्माण कार्य चल रहा है।
सांसद ने धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए
कोटद्वार स्थित कण्वाश्रम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की दिशा में मजबूत कदम रखे है, कण्वाश्रम में ए.एस.आई .A.S.I. की टीम द्वारा सर्वे किए जा चुके हैं।और उन्होंने और डीप खुदाई के लिए सम्बंधित विभागों से परमिशन मांगी है।

लालढांग-चिलरखाल सड़क पर सुप्रीम कोर्ट में बलूनी कि हस्तक्षेप याचिका की सुनवाई के बाद सड़क निर्माण पर लगी रोक कोर्ट द्वारा हटा दी गई है ,साथ ही सांसद द्वारा सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले को सही करने के लिए क्लेरिफिकेशन प्रार्थना पत्र दिया गया है जो किसी भी दिन सुनवाई में आ सकता है, हम बात करे गढ़वाल का कुमाऊँ की जीवन रेखा कंडी मार्ग की जो कि कोटद्वार व रामनगर के स्थानीय लोगों का सपना है तो उस दिशा में सांसद बलूनी ने कंडी मार्ग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका डाली है जो कि बहुत जल्द सुनवाई में आएगी।
बस सेवाओं का विस्तार (रामनगर-कोटद्वार से गुरुग्राम) के लिए हरियाणा सरकार से बस सेवा प्रारम्भ करवाई गई है। ओर अभी कुछ दिन पहले ही बलूनी ने कोटद्वार में पासपोर्ट ऑफिस को जनता को समर्पित किया है जिसमे देश के विदेश राज्य मंत्री मुख्यातिथि के रूप में आये थे इस पासपोर्ट कार्यालय से जहां कोटद्वार लोगों को लाभ मिला है वहीं कोटद्वार के आसपास के लोगों को भी लाभ मिलता दिख रहा है।

जमीनी हकीकत बनाम दावे –
करीब दो साल के कार्यकाल मे बलूनी ने गढ़वाल लोकसभा में 20 से ज्यादा बड़े काम किये है पर कामों की सूची में कोटद्वार भी पीछे नही है, कोटद्वार में भी लगभग 10 काम पर बलूनी व केंद्र की मुहर लगी है।

फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि गढ़वाल लोकसभा के साथ साथ कोटद्वार में केंद्र द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की रफ्तार दिखाई दी है।आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि ये प्रयास गढ़वाल को “अग्रणी लोकसभा” बनाने के लक्ष्य तक कितनी मजबूती से आगे पहुंचाता हैं।

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